मुस्कुरा कर देखो
Updated: Aug 30, 2025
By Neeru Walia
मुस्कुरा कर देखो
मुस्कुराओ !इतना मुस्कुराओ ,
कि जिंदगी भी तेरे घर का पता पूछने आए ।
तेरे दिल में छिपे, जो भी गम हैं,
उनको भी मुस्कुराने की वजह मिल जाए।
है कौन यहाँ जग में,
जिसे दुख -दर्द का एहसास नहीं ,
हर वक्त उनका मातम मनाएँ,
इसमें भी तेरी कोई शान नहीं।
जीने के लिए दिल का धड़कना भी जरूरी है,
तू मुस्कुरा भी न पाए, ऐसी भी क्या तेरी मजबूरी है?
तेरे हर ख्वाब का रस्ता, दिल की गली से होकर जाता है ,
उनको हकीकत बनाने में क्यों निराशा ने तुझे घेरा है?
तेरी हर मुस्कान, कभी किसी उदास मन में उम्मीद की किरण जगाती है ।
कभी दुनिया की भीड़ में तेरी अलग पहचान बनाती है,
चेहरे की मुस्कान क्या -क्या न राज छुपाती है?
कभी गम की दवा बन होंठों पर मुस्कुराहट लाती है,
कभी टूटकर बिखरने वालों के लिए आशा की किरण बन जाती है।
अपनों या गैरों के सितम से जो निराशा के बादल छाए हैं,
यूँ मुस्कुराओ की जिंदगी में फिर से बहार आ जाए
मुस्कुराओ !इतना मुस्कुराओ
कि ज़िंदगी तेरे घर का पता पूछने आए.......
कि ज़िंदगी तेरे घर का पता पूछने आए.......
By Neeru Walia

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