मुलाकात
Updated: Jun 8, 2023
By Minal Satav
अब यू जो मिले हो तो जरा ठहर जाना
बातें तो न मिलके भी होती हैं
तुम बस पास बैठे रेहना
में छुपाए रखूँगी कई राज़ हमेशा की तरह
लेकिन अगर फिर भी मिल जाए तो छुपाए रखना
खामोश दोंनों भी हो तो
तुम सवाल करना
में बिना मतलब के बात करु
तो भी बस सुनते रेहना
मेरा हाल पूछना में मुस्कुराउ तो तुम भी मुस्कुराना
उस मुस्कुराहट के मायने को ना खोजना
बस मुझे मुझ जैसे ही रेहने देना
तुम्हारे सवाल होंगे जरुर
मुझे थोड़ा वक्त देना मैं खुद बिना पूछे जवाब दे दूंगी
तुम नए लोगो का जिक्र थोड़ा कम करना
मैं किसी का जिक्र करू तो उसे बस किसी अनसुनी बात भूल जाना
हो सके तो कुछ मेरी बाते करना।
उन बातों में में खुद से मिलती रहूंगी तूम बस वो मुझे पसंद था वो गीत न दोहराना
मेरी पसंद के फूल न लाना
मेरी बालों को न सहलाना
हो सके तो मेरे जालीदार चुनर को अपनी उंगली से ना बांधे रखना
बातों बातों में वक्त फिसल जाएगा ही पर तुम फुरसत में ना रहना
बस शाम ढल जाए तो अपने रास्ते चले जाना
हा मुझे मालूम हैं मुझे अंधेरे से डर लगता है।पर फिर भी
तुम मेरे साथ ना आना
बस इक मुस्कुराहट से ही मुझे अलविदा कहने
By Minal Satav

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