मुराद
By Mona Mamtani
मेरे अस्तित्व की एक पहचान हो तुम,
मेरी सांसो की एक तरंग हो तुम ,
मेरी पलकों मे मोती की एक रौशनी हो तुम,
हाँ , मेरी मुराद का साक्षात एक स्वरुप हो तुम।
मेरे जीवन के सफर का एक रास्ता हो तुम ,
मेरी खुशियों की एक वज़ह हो तुम ,
मेरी पावन बाग़िया की एक खूबसूरत महक हो तुम ,
हाँ , मेरी मुराद का साक्षात एक स्वरुप हो तुम |
मेरे घर का एक चिराग़ हो तुम ,
मेरी दुआओं का एक एहसास हो तुम,
मेरी ज़िंदगी का जीता जागता स्वपन हो तुम ,
हाँ , मेरी मुराद का साक्षात एक स्वरुप हो तुम।
मेरे हर एक अरदास में हो तुम ,
मेरी हर सुबह की लाली हो तुम,
मेरी शाम की शमा का एक पैग़ाम हो तुम ,
हाँ , मेरी मुराद का साक्षात एक स्वरुप हो तुम।
By Mona Mamtani

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