मुझसे कहा था किसी ने!
By Shruti Lodha
मुझसे कहा था किसी ने
तुम्हारी कलम तुम उठाना
ज्यादा कुछ नहीं
मगर एक शब्द पर अपनी स्याही को सुलझाना
कहां उसने जिस कागज़ पर तुम लिखों
उसमें खुद को सजाना
ज्यादा कुछ नहीं
मगर उस के एहसास में गुम हो जाना
कहां उसने मुझे
अपनी सोच से बतियाना
ज्यादा कुछ नहीं
मगर खुद के लिए खुद से आगे बड़ जाना
कहां उसने इस अल्फ़ाज़ को
तुम अपना आइना जरूर बनाना
ज्यादा कुछ नहीं
मगर इन आखों से अपनी तुम मुस्कुराना
कहां था उसने
एक शब्द को सुलझाना
ज्यादा कुछ नहीं
मगरमुस्कुराहटकीखूबसूरतीकोतुमजरूरलिखजाना
By Shruti Lodha

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