मिलने को बुलाया है।
By Ayushmaan Vashishth
आज मेरे चेहरे पे थोड़ी सी हँसी है,
आज मेरे काम में थोड़ी सी जल्दी है,
आज मैंने अपने बटुए में किसी की तस्वीर को छुपाया है,
तूने मुझे आज मिलने को बुलाया है।
आँखों में थोड़ी सी चमक है
शायद कानों को कुछ सुनने की उम्मीद है,
आज तो धूप में मिलता फूल भी खिलखिलाया है,
तूने मुझे मिलने को बुलाया है।
आज मैं तुझे कुछ बातें बताऊंगा,
आज मैं तुझे सिर्फ दूर से देखकर नहीं मुस्कुराऊंगा,
आज मैं सिर्फ तेरी आँखों में तेरी झलक नहीं ढूंढूंगा,
आज मैं सिर्फ दूर से नहीं शर्माऊंगा।
आजतोवहपेड़पेबैठीचिड़ियाभीकुछचहचहायाहै।
By Ayushmaan Vashishth

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