माफ करना आसिफा।
By Abhijeet Santosh Gawande
जुल्म सहती रही तु,
लेकीन तुझे बचाने
ना आया...अल्हा...ना आया...भगवान।
दर्द से तड़फ रही रही थी तु,
नोचते रहे तुझे वो...हैवान।
तु सोचती होगी तुझे बचाने इंसान नही सही...
फरिश्ते तो आएंगे।
अगर मुलाकात हो उस भगवान से तेरी,
तो पुछ लेना उसे...ये इन्सान षंड थे, षंड है...
और क्या षंड ही रह जायेंगे।
By Abhijeet Santosh Gawande

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