मां बताना क्यों तुझे स्व इतना प्यार नहीं है ?
By Kirti Thakur
आज फिर खुद को तूने सवारा नहीं है
मां बताना क्यों तुझे स्व इतना प्यार नहीं है ?
क्या है जो तूने मुझ पर वारा नहीं है
मां बताना, क्यों तुझे स्व इतना प्यार नहीं है ?
हैं आसमां में चमकते सितारें कई
फिर क्यों कोई और तेरी आंखों का तारा नहीं है?
मां बताना, क्यों तुझे स्व इतना प्यार नहीं है ?
खुद के जीवन की ज्योति बुझ जाए चलेगा
मेरे जीवन में अंधियारा गवारा नहीं है ?
मां बताना, क्यों तुझे स्व इतना प्यार नहीं है ?
जठराग्नि में आप की पूर्णाहुति दी मगर
मेरी इच्छा को कभी तूने मारा नहीं है
मां बताना क्यों तुझे स्व इतना प्यार नहीं है ?
आँखों में मेरी है सपने कई
जिनमे कहीं जिक्र तुम्हारा नहीं है
फिर भी कितनी भोली, जो हंसकर यूं बोली
फिक्र करना काम तुम्हारा नहीं है……….
By Kirti Thakur

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