मां अभी नहीं
By Bhavesh Agarwal
जो बात थी अपनी जीतने की
अभी लड़ाई जारी है
लौटूंगा फिर मैं जीत कर ही
घर वापसी मुमकिन नहीं
हा रोजाना हारने का मन करता है
पर डटा हुआ हूं मैं
है कदम टूट सकता हूं
पर खुदको समेटे हुए हूं
इतनी आसानी से मैदान नही छोडूंगा
एक कोशिश और तुझ से ही सीखा है
कोशिश फरियाद और तेरी याद हैं
तू नहीं, पर मां अभी नहीं
By Bhavesh Agarwal

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