माँ से बातें
Updated: Jul 30, 2025
By Swati Sharma Singh
आज निकाल के थोड़ी सी फुर्सत
चलो माँ से कुछ बतयाया जाये
बैठें सिराहने उनके भी तो
प्यार जो है वो जताया जाये
चलो माँ से कुछ बतयाया जाये
बचपन के किस्से फिर से
टटोलें साथ मिल कर थोड़े
बातों के पुल बनाके
दूरीयो को घटाया जाये
चलो माँ से कुछ बतयाया जाये
एहसास करें की कैसे माँ का
चेहरा थोड़ा ढलने लगा है
जो मिला है समय साथ उनके
इस अवसर को न गवाया जाये
चलो माँ से कुछ बतयाया जाये
जरा ध्यान तो लें उसका
जिसने इतना ख्याल रखा है
जिसने दिया जीवन का पहला निवाला
उसके लिए हाथो से कुछ बनाया जाये
या तो रोज़ ब रोज़ की रसोई से निकाल
उसको कही खुमाया जाये
चलो माँ से कुछ बतयाया जाये
उसकी कुछ ज़िद पूछ कर
आज चलो पूरी कर दें
फिर रख लें कुछ देर सर गोदी मे
धपकीया ज़रा महसूस कर लें
वापस व्यस्त होने से पहले
उन्हें कस के गले लगाया जाये
चलो माँ से कुछ बतयाया जाये
By Swati Sharma Singh

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