माँ ! तेरी यादें … (Maa Teri Yaden...)
Updated: Jul 30, 2025
By Dr Dantu Murali Krishna
माँ! तेरी यादें। तेरी बातें। तेरी परछाइयाँ, हर कदम महसूस होती हैं... मैं अकेला हो गया हूँ...माँ!
तेरी यादें। तेरी बातें। तेरी परछाइयाँ, हर कदम महसूस होती हैं माँ ... तेरी यादें।
जनम दिया है। जीवन दिया है।
स्नेह दिया है। प्रेम दिया है।
हर पल, मैं तेरे साथ जिया हूँ ।
अब मुश्किल होगा, तन्हा जीना।
ऐसी शिक्षा दी तुने। अब मरना भी तो मुश्किल होगा।
तेरी यादें। तेरी बातें। तेरी परछाइयाँ, हर कदम महसूस होती हैं..
माँ...रह नहीं सकता हूँ ।
राह दिखाई। दुनिया दिखाई।
हर सफ़र में, साथ दिया है।
हर जनम तु मेरी माँ बनके रहना । आ....आ....आ....
हर जनम तु मेरी माँ बनके रहना ।
अब तेरी यादमें, रहना होगा।
तेरी यादमें कभी खुश हो जाता। कभी दुःखी भी होता।
तेरी यादें। तेरी बातें। तेरी परछाइयाँ, हर कदम महसूस होती हैं...
माँ...तुम कहाँ हो।
नाम दिया है। संस्कार दिये हैं ।
साथ जीने का, मौका मिला है।
कहते हैं, मैंने तेरी सेवा की है।
सच तो ये है, मुझमें बसी हो।
फ़िर भी मैंने तुझे, कैसे दूर जाने दिया।
तेरी यादें। तेरी बातें। तेरी परछाइयाँ, हर कदम महसूस होती हैं...
माँ... मैं क्या करुँ।
सपने देखे। पूरे न कर पाये।
कुछ और दिन मिलते, काश अच्छा होता।
भगवान से कहूँ, मुझे मोक्ष भी न देना। आ....आ....आ....
भगवान से कहूँ, मुझे मोक्ष भी न देना।
पर, मुझको, मेरी माँ से मिलाना।
हे भगवान ! मुझे मेरी मााँ से मिलाना !
ऐसे मिलन की आशा में, अब जीना होगा बाक़ी जीवन।
तेरी यादें। तेरी बातें। तेरी परछाइयाँ, हर कदम महसूस होती हैं माँ!
तेरी यादें। तेरी यादें...तेरी यादें। तेरी यादें...तेरी यादें।
By Dr Dantu Murali Krishna

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