मरने की वजह बन गये अपने
By Poonam Subhash Jadhav.
क्या करेंगे जी कर,
अपनो ने ही,
उम्मीद छोड़ दी हमारे जीने की,
वापस आ जाते मौत से लड़कर ,
पर सबने गलती कर दी,
हमे मरा हुआ समझने की,
कोई हमसे भी पुछता क्या चाहते है हम,
बस एक बार हमारी आँखो में देखते,
तो सब समझ जाते तुम,
पर किसी को हमारी परवाह कहाँ थी,
जल्दी तो सबको बाते बनाने की थी,
साँसे साथ नहीं थी,
पर दिल की धडकन तो पास थी,
उन्हे समझता कोई पर समझने वाला ही नहीं,
क्या माँगते इस जिंदगी से,
जीते जी जलाकर आँसू भी बहाँ दिए सबने,
जिना तो हम भी चाहते थे,
पर मरने की वजह बन गये अपने...
By Poonam Subhash Jadhav.

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