मर ना जाए एक दिन
By Poonam Subhash Jadhav.
पास होकर भी हम तुम्हे पहचान न पाए,
ये हमसे कैसी खता हो गई,
जान कर भी तुम्हे अनजान बन गये,
ये खुद को कैसी सजा हो गई,
महसूस जो हो रहा हे हमे,
क्या बताये तुम्हे,
ऐसा लग रहा हमसे हमारी,
रूह जुदा हो गई,
जिस्म तो बाकी है,
बस उसे जलाने की कमी रह गई,
लौट आओ फिरसे जिना सकेंगे तेरे बिन,
वरना तेरी यादो में जीते जीते,
मर ना जाए एक दिन...
By Poonam Subhash Jadhav.

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