मद्यपान निषेध विडम्बना!
By Uday Kumar
पीने बाला पी रहा आज भी,
बंद कहाँ है मधुशाला?
मिलीभगत के तहत देखते,
मधु पान आज है ड़ाला!
हम न बदले लोग न बदला,
लटक गया है सिर्फ ताला!
झुग्गी-झोपडी़ पे स्थल है,
मुफ्त पीता पावर बाला!
मधु पान का रंग चड़ा तो ,
उपर से थप्पड़ ड़ाला !
मधु पान जम कर होता है,
लटक गया है सिर्फ ताला!
फर्क़ पड़ा कुछ और अगर,
पुलिस हवाले कर ड़ाला!
यही बिहार का सुशासन है,
डरता सच्च कहने बालI !
पीने बाला पी रहा आज भी,
बन्द कहाँ है मधुशाला!!
By Uday Kumar

Comments