भ्रष्टाचार
By Vidhi Maheshwari
हमारा भारत देश महान
हर कदम पर दे रहा बलिदान
कुछ लोगो ने बना दिया इसे लाचार
कूट कूट के जिन में भरा है भ्रष्टाचार ..
आज सारा संसार प्रगति कर रहा है..
हमारा देश भी उन्नति की और बढ़ा रहा है..
फिर भी कम है देश की रफ़्तार..
क्यों की देश में हो रहा है भ्रष्टाचार..
विश्व बाजार में काम हो रही है रुपे की माया..
देश पर छाया एक बुरा साया..
देश की क्षमता पर हो रहा है वार..
जब से देश में बढ़ा रहा है भ्रष्टाचार..
बदल दी जाति है हर कानून की परिभाषा..
पैसा देता लोग देखते हैं तमाशा..
वे कर रहे हैं देश पर अत्याचार..
जिन्हो ने देश में बढ़ाया है भ्रष्टचार..
आम आदमी जिंदगी से जूज रहा है..
हर उपयोगी वास्तु का मूल्य बढ़ रहा है..
झेल रहा है वो मेहगाई की मार..
देश को लूट रहा है भ्रष्टाचार..
इस बीमारी को जड़ से मिटाना होगा..
हमें व्यक्तिगत आंदोलन चलाना होगा..
कर्ण होगा समय पर गंभीर रूप से विचार..
तिल तिल कर देश को खा रहा है भ्रष्टाचार..
By Vidhi Maheshwari

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