भूर्ण हत्या
Updated: Sep 20, 2022
By Shruty Gupta
समझ कर बोझ तूने मुझे गर्भ में गिराया I
दुनिया में आने से पहले मेरा अस्तित्व मिटाया II
भूर्ण हत्या कर तूने खुद को महान बनाया I
निच कर्म कर के तूने खुद को भगवान बताया II
लक्ष्मी ,काली,दुर्गा को घर के मंदिर में बसाया I
जगत - जननी का रूप तूने गर्भ में ही मिटाया II
बेटे की आस में तूने मंदिर – मंदिर दीपक जलाया I
पाप कर्म कर के तूने समाज में सर उठाया II
इंसान होकर भी तूने शैतानो से बत्तर काम किया I
फिर भी ,
इस समाज में तुम्हे माँ बाप का नाम दिया II
कलंक है समाज का तू और ये समाज है मैला I
बेटा- बेटी के फर्क ने तुम्हे हैवान बनाया II
By Shruty Gupta

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