भुला दिया
By Vibha Singh
खयालों में डूबे रहे हम जिसके ताउम्र,
उस शख्स ने तो हमें कब का भूला दिया,
हम बैठे करते रहे इंतजार कश्ती का,
और उसने खुद को किनारे लगा लिया,
कभी की थी उसने भी मोहब्बत मुझसे,
अब यकीन करना बेहद मुश्किल है,
भटकते रहे अकेले शेहर में हम,
उसने प्यार का नया उपवन बना लिया,
खङे हैं आज भी उसी मोड़ पे हम,
जहाँ साथ छूटा था ,
रूठी थी जिंदगी और दिल टुकड़ों में टूटा था,
याद ना आइ हो हमारी कभी,
ये मुमकिन तो नहीं,
बरसों बीते इसी ख्याल में,
गलतफहमी ही सही,
फिर भी भुलाने का हुनर हमने जाना नहीं,
मोहब्बत का मतलब सिर्फ पाना नहीं,
असल मोहब्बत तो खोने का नाम है,
ये होठों तक आया वो जाम है कि साकी प्यासा ही रहा, पैमाने खाली हो गये,
मेरे बेहिसाब प्यार का कैसा सिला दिया,
खयालो में डूबे रहे हम जिसके ताउम्र ,
उस शख्स ने तो हमें कब का भूला दिया
By Vibha Singh

Comments