बड़ी बेटी
By Sahil Tindwani
मम्मी गोदी बाकी दोनों को उठती है।
Chips मुझे भी पसंद है,
अब ये भी भूल जाती है।
मैं गिर जाऊ तो खुद ही उठ जाती हूँ।
वो गिर जाये तो डांट भी मैं ही खाती हूँ।
Remote भी अब बीच वाली को मिल जाता है,
छोटी को कुछ समझ नहीं…
मुझे फिरसे बड़ा बनना पड़ जाता है।
मम्मी अकेली क्या करेगी,मैं नखरे नहीं दिखती हूँ।
बीच वाली में खुद को देखके,खुद ही खुश हो जाती हूँ।
छोटी सबसे पहले सोती,हम दोनों करते इंतजार,
जब हम दोनों का नंबर आता,मम्मी बन जाती…
बीच की दीवार।
अब आई करवट की बारी,देखूं…
किसकी तरफ मुड़ जाती है?
मुश्किल होगा मम्मी के लिए, पर दूसरी तरफ पलट जाती है।
जो भी हो…
मैं कस के गले लगाती हूँ।
छोटी तो मैं भी बहुत हूँ,पर…
मैं सबसे बड़ी बेटी कहलाती हूँ।
By Sahil Tindwani

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