बोलो आज भवानी तुम
By Pranjali Tiwari
आज भवानी बोलेगी
और तुम्हें सुनना होगा।
अनगिन प्रश्न तुम्हारे होंगे
एक उत्तर मेरा होगा।
स्वाभिमान की सौदेबाजी,
भले जग सारा करता होगा।
अमृत भले हि दो बदले में,
हमें गरल हि प्यारा होगा
बिकते होंगे रिश्ते रत्नों में
पर अपनी यही कहानी है,
जिसका जमीर महंगा हो इससे
वही हमें प्यारा होगा।
कैलाश के वासी शिव को हि
मिलती वो भैरवी भवानी है,
मोह जीसे वैभव का नहीं
उसे बस शिव हि प्यारा होगा।
कफ़न राख और श्मशान
जिसे यह सत्य प्यारा होगा,
मृत्यु के परे जीवन जिसका,
भवानी का वो दुलारा होगा।
ना तो सीता की व्यथा होगी,
ना राधा का करुण क्रोध होगा।
शक्ति की निष्ठा पर प्रश्न उठा,
तब बस मृत्यु का नर्तन होगा।
भय नहीं जिसको मृत्यु का
उसे जीवन क्या ललचाएगा।
श्रृंगार जिसका तेज सत्य का,
उसे बस भस्म हि प्यारा होगा।
चुन लिया है जिसने ऐश्वर्य को
ऐश्वर्या उसकी कहाँ होगी
भाया है बस वही धवला को
जिसका चरित्र निर्मल होगा।
प्रेम सरल स्वभाव जिसका है,
हाथों में उसके खड्ग भी है।
प्रेम पाना चाहो जो ऐश्वर्य से
खप्पर में रक्त तुम्हारा होगा।
By Pranjali Tiwari

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