बेवफा
By Rashmi Mahish
टूटा मैं आज हूँ मगर
टूटा मैं कल न रहूंगा
भले भिखारा हुआ हूँ आज
पर कल खुद को सवार लूंगा।
क्या हुआ अगर तुम न रही मेरी जिंदगी में आज
पर तुम्हारी याद तो है मेरे साथ
तुझे क्या लगा मैं टूट कर भिखर जाउंगा
तू छोड गई तो क्या मैं मार जाउंगा।
मैंने तो हर कोशिस की तेरा साथ निभाना का
पर तूने एक मौका नहीं छोड़ा मुझसे दूर जाने का
क्या हुआ अगर मैं गरीब हूँ, क्या हुआ अगर मैं गरीब हूँ
प्यार तो प्यार है,
पर तेरे लिए सौदा बन गया बाजारो का ।
ना तू कभी समझ पाई मेरी इस मोहब्बत को
कि कितना प्यार है तेरे लिए इस दिल में
काश तू महसूस कर पाती मेरे ऐहसासो को
कि ये दिल भी धड़कता था तेरे ही दीदार में।
क्या कहु अब मैं तुझसे ऐ बेवफा
तोड़ गई तू तो सारे रिस्ते
बस अब हर पल एक ही दुआ है रब से
कि एक दिन मेरे दीदार को तू भी तरसे।
By Rashmi Mahish

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