बेटियां
By Yogesh Kumar Pradhan
ब्रह्मा के वेदों का बोध तू ही
शिव के ध्येय का क्रोध तू ही
हरी की चेतना का धीर तू ही
वसुधा की सभा का मीर तू ही।
तू कैलाशी,कल्याणी , तू
मानव सत्ता का सार है
तू दुर्गा की क्रोधाग्नि जिसमे
पलता भीषण संहार है।।
माधव के बंसी की मधुर ध्वनि
तू रूप, धैर्य, कौशल की धनी।
तू समाज का सम्मान है
तेरे अस्तित्व को सलाम है।।
By Yogesh Kumar Pradhan

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