बिना शर्त रिश्ते (Unconditional Rishte)
By Kumudini S Tomar
क्या रिश्ते सच में ,मतलब के मोहताज होते हैं
कभी लगता है हाँ , कभी लगता है ना
क्या भला माँ का रिश्ता भी , मतलब का होता होगा
माँ तो बस प्यार करती है , क्योंकि हम उसके बच्चे हैं
उसके सपनों की परीणीति हैं , उसकी नौ माह की तपस्या का प्रतिफल हैं
वो थोड़ी मतलब से प्यार करती होगी , है ना, नहीं .......
वो भी मतलबी है ......
वो प्यार करती है ...... जिससे उसके बच्चे खुश रहें
समझें दुनिया में प्यार ही प्यार है ........
तो भला क्या पिता का रिश्ता मतलबी होता होगा है न
नहीं बच्चे तो उसके दिल के टुकड़े भी है .......
मन में दबी अनेकों अपूरित अभिलाषाओं को , सपनों को
बच्चों के जरिये पूरा करना चाहता है ......
कितना मतलबी होता है न ........
बच्चे शीतल छाया में रह सकें
उसके लिये खुद धूप की तपिश सहता है .
सभी रिश्ते मतलब से ही बनते हैं
दोस्ती में जीवन के रहस्य साझा होते हैं ........
सुख दुःख साझा होते है,
दोस्तों के साथ अपना बचपन जी लेते हैं हम
काश रिश्ते होते शर्तहीन
बिना शर्त वाले होते
सूरज जैसे रोज सुबह से शाम अपना प्रकाश बिखेर रहा
बिना किसी से रूठे .......
चाँद शीतलता दे रहा .......
नदियाँ निश्छल बहती हुई , पानी बाँट रही
सबकी प्यास बुझा रही ........
फूल खुशबूयें बिखेर रहें
पेड़ सबकों एक से मीठे फल बाँट रहा है
मंद पवन के झोंकों से मदमस्त कर रहा है
ऐसे ही बनो ना सब ........
आपस में बिना शर्त सबसे मोहब्बत करो.........
By Kumudini S Tomar

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