बारिश 2
By Anil Kumar
बारिश का मज़ा लेना तो
सभी चाहते हैं
पर बादल बनना कौन चाहता है
बादल बनने के लिये
खुद को डुबोना पड़ता है
गहरे अथाह समुन्द्र में
और फिर तपना पड़ता है
सूरज के सामने से
अपने ओछेपन से हल्के होकर
उठना पड़ता है ऊपर तक
और फिर ….
एक छन में ….भाप
जगह देनी पड़ती है
अपने जैसे दूसरों को
की वो आयें
मिलें
संघनित हों और तब
अपने भारीपन से खुद ब खुद
गिरता है बादल
होती है बारिश।
By Anil Kumar

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