बात उन दिनों की
Updated: Jun 9, 2023
By Nalini Choudhary
थी फ़िक्र किसी एक को हमारी
वो कॉलेज में मेरे साथ पढ़ता था
लेक्चर को प्रोफेसर के वाइट बोर्ड से ज़्यादा
मेरे चेहरे पर पढ़ता था
मैं पढ़ाकू थी थोड़ी
वो लाइब्रेरी कि चक्कर काता करता था
मुझे याद है एक बार गुम हुआ था झुमका मेरा
उसके यारों को एक किताब कि बीच में मिला था
देता भी तो मुझे वापिस कैसे
मीठे ख़्वाबों में मशगूल बढ़ा था
कभी सामने आके बोला ही नहीं
मेरी चुप्पी से डरता बड़ा था
मैंने बस एक बार रख दिया हाथ काँधे पर उसके
लाल हुआ इतना जैसे बुख़ार १०४ चढ़ा था
यह बात उन दिनों की है
जब वो कॉलेज में मेरे साथ पढ़ता था..
By Nalini Choudhary

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