बसंत (कविता)
By Riya Gupta
आयो बसंत, आयो बसंत,
संग अपने खुशियाँ लायो बसंत,
सबके मन को भायो बसंत,
मौसम रा राजा आयो बसंत ।
देखो लहरा रहें ये खेत,
हरे भरे से सुन्दर खेत,
सरपट भागे कोमल रेत,
बनाकर अपना पवन से मेल ।
चिड़ियों की ये चहक- चहक,
भौंरों का ये मधुर गुंजन,
और फूलों की प्यारी सी महक,
भाता सबरो मन को अब।
ये सोने जैसो सुन्दर मौसम,
सबको देतो कितनो प्यार,
हरा-भरा सा सब लगे,
इसलिए तो इसको राजा नाम।।
By Riya Gupta

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