बरहना
By Raj Modi
बरहना आपको देखने का मन करता है
बरहना आपकी तस्वीर बनाने का मन करता है
कौनसी लकीर कहां तक कितनी सीधी है
जानने का मन करता है
कौनसी लकीर कहां कितनी पाक तरीके से मुड़ती है
क्यों मुड़ती है, कहां मुड़ती है
जानने का मन करता है
दिल धड़कने से तिल समय में कितनी दफा
अपना स्थान बदलता है जानने का मन करता है
बाकी रेखाओं से तिल की रेखा कितनी ऊपर है
जानने का मन करता है
तिल के आस पास कितनी दूर का अंतर है
जहां ये ज़मीं रंग बदलती है
कौनसा आकार जन्म लेता है रंगों के बदलने से
इनको स्पर्श करने के बाद क्या क्या बदलता है
जानने का मन करता है
बरहना आपको देखने का मन करता है
बरहना आपकी तस्वीर बनाने का मन करता है
By Raj Modi

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