बदनाम गली
By Madhusmita Panda
कुल्टा कह कर पुकारा उसे
उसके नाम को कलंकित किया,
जहां उसने नाम कमाया था
उसी कूचे में उसे बदनाम किया।
पवित्रता पर उसके
उठाए गए कई सवाल,
बिना चरित्र में दाग के भी
किया मुहल्ले में बवाल।
एक पत्नी, एक मां थी वह
ना सोचा किसी ने भी एक बार,
बिना सच जाने ही लोगों ने
उससे सवाल किए हज़ार।
शर्मिंदा करना चाहा लोगों ने उसे
कहा “कैसा है यह पहनावा”?
आदर भर बोली को उसके
कहने लगे दिखावा।
ना हकदार थी इस अपमान का वह
दिया उसने हर सवाल का जवाब,
छोड़ गई उस बदनाम कूचे को
जिसने तोड़ा उसका हर एक ख्वाब।
By Madhusmita Panda

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