बड़ा भाई
Updated: Sep 21, 2022
By Kaushal kishor
बड़ा भाई
हम दोनों से उम्र में थोड़े बड़े,
स्नेह में तो और भी ज्यादा बड़े।
परिपक्वता में बरगद की परछाईं
सीधा सा, सुलझा सा, मेरा बड़ा भाई।।
आज जो भी हूं, चाहे दो टके का ही सही,
उन्होंने इसके लिए बचपन की कीमत चुकाई।
जैसा हूं उनसे सब कुछ, सब कुछ हूं,
है मेरे पिता की परछाईं, मेरा बड़ा भाई।।
और हमारे हंसाने पर थोड़ा शर्माना
ज्यादा रोक - टोक पर प्यार से गुस्साना।
खुद परेशान होना, किंतु हमें हंसाना
ये जो जीने की कला सिखाई, वो मेरा बड़ा भाई।।
अंदर से जैसे, बाहर से भी वही
बिल्कुल ही उनके जैसे बातों को समझना
वही माथे पर चमक, वही लकीरें
मेरे पिता की परछाईं, मेरा बड़ा भाई।।
By Kaushal kishor

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