बंगालन
By Mridul Krishna Tripathi
सादगी देख कर उसकी
उसकी आशिक़ी में हमने वक्त गवाया है
ये पहली दफा नहीं जब उसने जादू दिखाया है।
लोग तो सिर्फ उसे बंगालन जानते है
मैं जानता हूं उसका कारनामा क्या है
मुझसे जुड़ने लगी है सक्षियत उसकी
पर फिर भी कई बार उसने मुझे चख्मे में फसाया है
लोग सिर्फ उसे बंगालन जानते है
मैं जानता हूं उसका कारनामा क्या है
ये पहली दफा नहीं जब उसने जादू दिखाया है।।
By Mridul Krishna Tripathi




heart touched
Nice poetry😍
Adbhut
Kya baat hai....
Lovely