फिर किसी ने सोया हुआ प्यार जगा दिया
By Parveen Kumar
आज फिर किसी ने सोया हुआ प्यार जगा दिया।
अचानक से मुद्दतों बाद उसने एक फोन मिला दिया।
कुछ मेरा हाल जाना, कुछ अपना सुना दिया ।
आज फिर किसी ने सोया हुआ प्यार जगा दिया।
बरसों पहले हम तो महरूम हो गए थे, अपने-अपने रास्ते पर । अचानक से उसने याद कर एक रास्ता फिर मुहब्बत का बना दिया। आज फिर किसी ने सोया हुआ प्यार जगा दिया।
अचानक से मुद्दतों बाद उसने एक फोन मिला दिया।
उसने तो इजहार उसी समय ही किया था,एक हो जाने के लिए। मैं ही छे सो पांच मे पड़ा रहा डरता हुआ जमाने से । उसने तो जज्बे मुहब्बत फिर भी दिखा दिया। आज फिर किसी ने सोया हुआ प्यार जगा दिया।
प्यार दिल से होता है, जज्बातों से नहीं। यह उसने मुझे समझा दिया। मेरी भी मुहब्बत कुछ कम नहीं थी, मेरे जज्बातों ने ही मुझे रुला दिया । आज फिर किसी ने सोया हुआ प्यार जगा दिया ।
अगर मुहब्बत पाक हो तो आयु का कोई तकाजा नहीं होता। समय कितना भी गुजर जाए मुहब्बत का कभी बंद दरवाजा नहीं होता । उसने फिर दरवाजे मुहब्बत खुलवा दिया। आज फिर किसी ने सोया हुआ प्यार जगा दिया।
रूहों का प्यार कभी मरता नहीं । कोई दिल से कभी किसी को रुसवा करता नहीं
रुसवाई, जिस्मोंकीहोजातीहै।
मगरदिलकोदिलकभीरुसवाकरतानहीं।
यहउसनेमुझेसमझादिया।
आजफिरकिसीनेमेरासोयाहुआप्यारजगादिया।
By Parveen Kumar

Comments