फिर एक बार
By Gayatri
हो मजाल अगर तो फिर एक बार,
दर्द दे जा ऐ ज़िन्दगी;
टूटे हैं, जले हैं पर उभरे हैं फिरसे,
सहने की ताक़त अब भी है।
हो सवाल अगर तो फिर एक बार,
राहों में बिछा दे ज़िन्दगी;
गिरे हैं, फिसले हैं पर जवाब की तलाश में
रहने की ताक़त अब भी है।
हो मलाल अगर तो फिर एक बार,
तक़दीर में लिख दे ज़िन्दगी;
इश्क़ अधूरा सही पर बेईमान नहीं यह
कहने की ताक़त अब भी है।
हो बवाल अगर तो फिर एक बार,
सुकून छीन ले ज़िन्दगी;
उतरे जो हैं बेकरारी के दरिया में,
बहने की ताक़त अब भी है।
By Gayatri

so beautiful! only a fierce person like you can read this! so proud! keep it up!!
So mesmerising ❤️❤️
Wahh!!!!
My favourite... Small and beautiful...
this should be a song instead !!