प्यारी अनुभूति
Updated: Dec 3, 2022
By Dr Poonam
जानती हो जब मेरे अंदर थी तुम तब भी तुम में जीती थी मैं।
आज तुम मेरे साथ हो तब भी तुम में जीती हूं मैं ।
मैं तुममें देखती हूँ, हर वो अक्स जो मैं बनना चाहती थी और शायद बन पाई।
तुम्हें इतना प्यार देना चाहती हूं, जो मैं कभी न पाए पाई।
एक दिन तुम बड़ी होगी,किसी से मिलोगी,वो शायद तुम्हें मुझसे अच्छा लगेगा।
मुझे उसके बारें में सब बताना यकीन मानो मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगेगा।
सबकुछ तुम्हारे मुंह से सुन लूंगी,जब चमकेगी तुम्हारी ऑखे उसके नाम से तो
उठकर तुम्हारा माथा चूम लूंगी ।
पर याद रखना एक बात मैं हू हमेशा तुम्हारे साथ चाहे कैसे भी हों हालात।
सब कहना मुझसे चाहे कितने भी हों जज्बात।
बिल्कुल नहीं सोचूंगी की तुमने क्या किया,बस समझूँगी की तुमने क्यूं किया
तुम हमेशा से मेरी जान हो जान रहोगी।
कांधे पर तुम्हारे मान की गठरी कभी नहीं रखूंगी बस आजादी से ,अपनी शर्तों पर जीना अपनी जिन्दगी यही कहूंगी।
तुम्हारी मम्मा
By Dr Poonam

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