प्यार आज कल
By Bhavesh Agarwal
बारिशों में सड़कें साथ नहीं देती,
हमें दिल से मिल जाना होगा,
अपने तकिए को फ़ोन मान कर,
हमको अब सर लगाना होगा,
तुम बादलों में मेरे मज़ाक पढ़ो
मैं बूंदो में तुम्हें हस्ता देखूँ.......
हँसते एक ओर तुम प्यार को सोचो
मैं गुम शुम बरसातें देखूँ
वो बातें अपनी सुना सुना कर,
तुम्हें मौसम फिर महकाना होगा,
बारिशों में सड़के साथ नहीं देती,
हमें दिल से मिल जाना होगा,
याद करें बीती बातें, साथ साथ फिर खूब हसें,
हाथों में लिए हाथ साथ के, खेलें खूब खूब लड़ें,
फिर नग़में प्यार के गुन गुना कर
हमें साथ साथ चलना होगा
बारिशों में सड़के साथ नहीं देती,
हमें दिल से मिल जाना होगा....
By Bhavesh Agarwal

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