प्यार
Updated: Jul 14, 2025
By Nishant Patil
एक तरफ़ा मैंने उसे देखा, और बस ... वक़्त वही थम गया ...
और मैं उसकी खुली ज़ुल्फ़ों में क़ैद हो गया |
बेल बजी और मेरे प्यार का पहला लेक्चर ख़तम हुआ |
आजतक किसी लेक्चर में इतना ध्यान नहीं दिया
जितना इस लेक्चर के लिए उत्सुक्त हूँ |
और आजतक जिस स्कूल को गालिया देता रहा,
उसने एक झकक में, उस स्कूल से मेरे जज़्बात जोड़ दिए |
अब हर लेक्चर मुझे अच्छे लगने लगे
क्योंकि मेरा तोह सिर्फ एक ही सब्जेक्ट था...
अब चाहे आप उसे इश्क़ कहो, प्यार या रूहानियत
मेरे लिए वह एक लेक्चर था... हाँ सिर्फ लेक्चर |
पर हर सब्जेक्ट की तरह इस सब्जेक्ट में भी लिमिटेड चैप्टर्स थे |
सब्जेक्ट का कोर्स ख़तम हुआ और वह सब्जेक्ट चली गयी |
अब मुझे उसका रास्ता भी नहीं पता |
बस एक भूल करदी मैंने...
उस सब्जेक्ट की किताब पर अपना नाम रजिस्टर नहीं किया...
By Nishant Patil

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