पुरानी गलियां पुरानी यादें
By Menka Gupta
वो रास्ते जिनपर चलना सीखा था
वो आँगन जहाँ बचपन मेरा बीता था
वहां का एक एक कण आज मुझे प्यार कर रहा है
क्यूंकि अब एक नया रास्ता मेरा इंतज़ार कर रहा है
वो घर में घुसते ही माँ की मुस्कान
जिसमे बस्ता है मेरा जहान
आज वो सिसकियाँ भरती महसूस होती है
क्यूंकि उनकी दुनिआ में अब वो कमी रहती है
पूरी कायनात की खुशियां जिन्होंने दी है
हर मुसीबत से रक्षा हमारी की है
मेरे लिए जो मेरे भगवान समान हैं
मेरे पापा आज बड़ी हिम्मत जुटा रहे हैं
क्यूंकि वो अपनी ज़िन्दगी किसी और को थमा रहे हैं
दोस्त की हर कमी जिसने पूरी की है
हर मोड़ पर हिम्मत मुझे दी है
बहन आज वो खुश हो रही है
पर एहसास है मुझे कि वो ग़म अपने छुपा रही है
वो गलियां जहा लुक्का छुप्पी खेला करते थे
वो दोस्त जो रात दिन मिला करते थे
आज भीनी पलकों से देख रहे है मुझे
क्यूंकि अब वो किसी और को सौंप रहे है मुझे
नाज़ुक सी फूल की कली अब हवा में उड़ने वाली है
चिड़िया अपने आँगन की अब किसी और की होने वाली है
आंसुओं को थामे हुए वो सबको हँसा रही है
पर उस मंज़र के इंतज़ार में घबरा रही है
पुरानी गलियां पुरानी यादें अब वो धीरे धीरे भुला रही है। ...
By Menka Gupta

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