पीढ़ी का अंतर
By Saurav Suman, (Pen Name --Shadow)
अपने सपनों की बोरी को मेरे काँधे पर लादकर
आपने मेरा भार बढ़ाया है ,
पापा, क्या बढ़ गया है मेरे काँधे का बल
या आपने मुझे जिम्मेदार बनने का एहसास दिलाया है _?
मैं डरा हुआ सा हूं इन सपनों की ढेरी से
क्या मैं दब जाऊँगा इनके तले ,
या मुझे कर्मठ और जुझारू बनाने की आपकी ये कोशिश है__?
शायद ही मिलते है कभी
आपके विचारों से विचार मेरे,
क्या ये पीढ़ी का अंतर है या मुझे
हाजिरजवाब बनाने की आपकी ये कोशिश है __?
क्यूँ ठुकरा दिया करते हो आप मेरे सपनों को
क्या मैं उन्के लायक नहीं,
या मुझे अपनी कल्पनाओं की वास्तविकता से अवगत कराने की आपकी ये कोशिश है __?
शायद समझ चुका हूं मैं सार
आपके गुस्से मे नीहित प्यार का,
है नहीं इख्तियार कोई भी
आपके त्याग के समक्ष मेरे अभिमान का.....
जब दिखेगा ये आईना समाज को
खत्म हो जाएगा खेल सांप सीढ़ी का,
कुछ कोशिश आप करो, कुछ यत्न हम करे
फिर मिट जाएगा ये अंतर पीढ़ी का........
By Saurav Suman, (Pen Name --Shadow)

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