पापा की याद
By Deepika Oberoi
आपकी याद मुझे आज भी सताती है आपसे जुड़ी बातें आज भी खुश कर जाती हैं आपका चुप रहना, कुछ ना कहना कुछ पसंद आने पर हल्का सा मुस्कुराना बात बात पर गुस्सा करना और नाराज होना और कितने दिनों तक किसी से बात ना करना
आपका पढ़ाना और कुछ गलत हो जाने पर डांटना और डर के मारे मेरा आपसे कोई भी सवाल ना पूछना नए नए कपड़े पहन कर आपको दिखाना और आपका धीरे से ये क्या पहना है? ठीक है! कह जाना दिन बीते साल बीते, उस दिन का अफसोस अभी बाकी है काश वो आखिरी बात हो पाती, कुछ आपका सुन पाती कुछ अपना कह पाती रात बीत गयी सुबह भी हुई पर बात आपसे बाकी है
By Deepika Oberoi

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