पापा कि परी
By Y. Deepika
बहुत सुना है कि बेटियाँ पापा कि परियां होती है, राजकुमारी होती है,
मानती तो हूँ ये बात लेकिन, शायद सबके साथ ऐसा ही है, यह नहीं मानती।
क्या कहोगे उस राजकुमारी से जिसके पैदा होने पर उसके पापा ने कहाँ “शायद एक राजकुमार होता” ।
प्यार की कमी कि शिकायत नहीं, लेकिन दिखा राजकुमार ना होने का ग़म कही।
पता नहीं राजकुमार कितना खुश रखता लेकिन, पूरी कोशिश की मैंने आपको खुश रखने कि।
आपको खुश रखने की कोशिश में, शिकायत कि मौके दे देती थी।
प्यार तो आपका बेहिसाब था लेकिन, ख़्वाहिशें खुलके बताने कि इजाज़त नहीं थी।
आप हमेशा मुझे बचाते थे लेकिन, ये हिम्मत नहीं दी कि खुद को बचा सकूँ।
गलत होने पर डॉटा लेकिन, जब गलत होने पर मैंने कुछ कहाँ तो समाज के डर से मेरी आवाज़ दबायी।
पापा कि वो राजकुमारी थी जिसके पीरियड्स (Periods) आने पर दर्द, गुस्सा और चिढ़ चिढ़ापन चुप चाप सेह लेती थी लेकिन, उनसे थोड़ी सी धीरज (Solace) नहीं मांग पाती थी।
लड़कों को दोस्त बनाने का मन था मेरा लेकिन, आप क्या सोचेंगे ये डर था मेरा।
कुछ गलत करने पर डाटने का हक था आपका लेकिन, कुछ गलत हुआ मेरे साथ, ये कहने कि आज़ादी नहीं थी मेरी।
आसान नहीं था आपसे कुछ भी छुपाना लेकिन, खबर थी आपके परेशानी कि।
केहना था मुझे प्यार है किसी से लेकिन, डर था कि सोचेंगे प्यार नहीं आपसे।
सोचा था ज़िन्दगी भर साथ निभाऊंगी आपका लेकिन, नहीं पता था कि अनजान के हाथ सौंपदेंगे मेरा।
लगा था कि बचपन में आपकी कन्धों पर बैठने कि मीठी यादें हैं लेकिन, पता चला वो भोज ता जो आज तक उठाया है।
हां, करती हूँ आपसे बेहद प्यार लेकिन, डरती हूँ ये कहने से कि "मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ पापा"।
कैसी भी ज़िन्दगी थी मेरी लेकिन, आप सिर उठाकर कहो कि मैं राजकुमारी हूँ आपकी, ये आखरी ख्वाहिश है मेरी।
कोशिश की मैंने कि आपको मुझपे गर्व हो, शायद कभी सुन पाऊ आपसे कि "मुझे तुम पर गर्व है मेरी बेटी"।
By Y. Deepika

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