'पशु संरक्षण है जरूरी"
By Sakshi Joshi
पशु संरक्षण है जरूरी,
यथा प्रकृति की पूजा अधूरी!
सड़के और गलियाँ सुनसान रहती है,
हवाओं संग महामारी बहती है!
मुख पर मुस्कान नहीं दिखती है,
बाहर मृत्यु बिकती है!
प्रकृति का उपहार अनंत है,
और खिलवाड़ का कड़ा दंड है!
पशु रक्षक को देवता मानो,
पशु भक्षक को दानव जानो !
बुरी संगत खोले नाश के पट,
गलत राह के राहगीर की मृत्यु अती निकट!
महान् हिंद के अंत की कामना करे कोई,
हिंदु धर्म अनंत है,
कृपा प्रकृति की होई!
सूर्योदय अटल है,
मानव जीवन अमर है!
मन में ज्योत जगाओ,
घर मै दीप जलाओ!
अनंत मानव जाति की कामना करो,
कुछ दिन घर में रहो!
By Sakshi Joshi

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