परिस्तान = (परियों का देश)
By Nausheen Sayyed
न हिंदुस्तान में मिलेगी,
न इंग्लिश्तान में मिलेगी ।
तेरी मां को जैसी बहु चाहिये,
वो परिस्तान में मिलेगी ।
आंखें नीलम, जुल्फें रेशम ।
बात करे तो भुला दे सब गम ।
ऐसी कहां कोई इस जहान में मिलेगी ?
न अनजान में मिलेगी,
न खानदान में मिलेगी ।
तेरी मां को जैसी बहु चाहिये,
वो परिस्तान में मिलेगी ।
होंठ गुलाब, चेहरा महताब ।
बना भी लेती हो वो लजीज कबाब ।
ऐसी कहां कोई इस जहान में मिलेगी ?
न कपूर में मिलेगी,
न खान में मिलेगी ।
तेरी मां को जैसी बहु चाहिये,
वो परिस्तान में मिलेगी ।
रंगत सुनहरी, काया छरहरी ।
बातें हो जिसकी थोडी सी मसखरी ।
ऐसी कहां कोई इस जहान में मिलेगी ?
तेरी मां को जैसी बहु चाहिये,
वो परिस्तान में मिलेगी ।
By Nausheen Sayyed

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