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नेकी की राह

Nov 18, 2022
1 min read

Updated: Dec 5, 2022

By Silky Dhameja





कितना भी चाह लो

कितना भी अच्छा कर लो

मगर ज़िंदगी वही देगी जिसका तुम हिसाब बाक़ी लाए हो!


क्यों तुम्हें ऐसा लगता है की अच्छा हो तो सिर्फ़ तुम्हारे साथ ही क्यों हो??

क्या अछाई के साथ तुम अच्छे बने थे?

क्या तुमने अछाई को समजा की कभी उसके साथ भी बुरा हुआ होगा क्या?

तुम नेकी की राह तो पकड़ो,

राह खुदी तुम्हें नेकी करना सीखा देगी!


नेकी एक रंगीन दीवाल पे सफ़ेद धाग जैसी है

दिखती भले ही जैसी रंगी हुई हो ऐसा लगता है,

मगर वो अपना निशान छोड़ जाती है!





तुम अपना वक़्त ना ज़ाया करो खाम आ खा यह सोच कर ,

अब अछाई कब मुज़से मिलने आयेगी ?

यह भी तो हो सकता है कि वो तुम्हारा इंतज़ार कर रही हो?


या वो तुमसे उम्मीद लगाये बैठी हो ,

चाँद में भले ही धाग होता है मगर वो रहेगा हमेशा चाँद ही,

उसकी ख़ूबसूरती कोई नहीं ले सकता,

वैसे ही नेकी भी तो ऐसी कुछ है ना !


अपनी नेकी को मत भूल जाना चाँद जैसा समझकर उसको हर अलग दिन पे छोटा बड़ा देख कर


वैसे ही


तुम कितना भी चाह लो कितना भी अच्छा कर लो

मगर ज़िंदगी वही देगी जिसका तुम हिसाब बाक़ी लाए हो !


By Silky Dhameja





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