नहीं होता
Updated: Jun 10, 2023
By Sonika Yadav
अपनी ही कहानी में अपना किरदार नहीं होता ,
जो अभिनय करने में ज़्यादा दमदार नहीं होता ।
लोग तो तमाशाई हैं बस तमाशा देखते है ,
क़िस्सा उनके लिए कौन सा मज़ेदार नहीं होता।
फ़ुर्सत कहाँ मिलती है अब हमें फ़ुर्कत से ,
महफ़िल से ,लोगों से सरोकार नहीं होता ।
रोज़ ही जलती- बुझती हैं ख्वाहिशें,
ख़्वाहिशों पर किसी का इख़्तियार नहीं होता ।
हर शख़्स को बस परेशां पाया है अंदर तक ,
ज़िस्म से ही कोई तो बीमार नहीं होता ।
जीत जाता है कोई भी परायों से दौड़ में ,
बस अपनों से ‘सहर’ कौन लाचार नहीं होता ..।
By Sonika Yadav

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