नन्हे कदम
By Ankit Gupta
महीनों परेशान करके,
अपने आने का इंतज़ार कराके ।
फिर जब रोते हुए आते,
ऐसा अपना दिदार कराते,
तो सबसे मासुम बन जाते ।
सबके चहरे पर मुस्कान लाते,
रोते हुए भी सबको हसाते ।
सबको उनके बचपन की याद दिलाते
और सबके चहैते बन जाते ।
जब भी कोई उन नन्हें पलो को याद कराता,
हम ख़ामोश हो जाते और मन ही मन मुस्कुराते ।
हर साल इस दिन को याद करते,
अपने पहली बार रोने का जश्न मनाते ।
By Ankit Gupta

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