ध्वजारोहण
By Bhagyashri Babanrao Ghuge
सुनहरी किरणों से सजी ये निर्निमेष नज़रें ,
देख रहीं है स्थिर स्तंभ पर ऊंचा लहराता परचम ।
अटल भक्ति भाव लिए, उत्तेजित हो ऊर्जा तन में ।
कर्तव्यनिष्ठा का प्रण लिए, एकाग्र पथ पर चलते रहें कदम ।
By Bhagyashri Babanrao Ghuge

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