धैर्यवान
By Uday Kumar
कुछ पा कर हम इतराएं नहीं,
खोकर आंसू को बहाएंगे नहीं,
यह जीवन सुकर्म करने को,
करके कभी हम इतराएं नहीं,
खोकर आंसू को बहाएं नहीं, !
कर्म हमारा ठीक रहे,
धर्म हमारा ठीक रहे,
फिर परिणामों से डरना क्या?
ये दिल जो मेरा नेक रहे!
हार जीत में क्या रखा,
इससे कभी घबराएँ नहीं,
हार के गमको दिखाएं नहीं,
खोकर आंसू को बहाएं नहीं!
धोखा की जीत है जीत नहीं,
वीरों का सदा यह रीत रही,
ओछा से करें न प्रीत कभी,
वीरों का सदा यह रीत रही!
प्राण गया या न गया,
इसका कोई अर्थ नहीं,
उसका जीवन ही व्यर्थ पड़ा,
कर्म-धर्म है जिसका ठीक नहीं!
गाँधी, आजाद, सुभाष गए,
जन-नायकऔर,लोक-नायक प्रकाश गए,
उनकी वाणी संदेश बनी,
ललकार रहे ललकार कहे ,
धैर्य है जीवन की साथी,
अपने पथ पर ही डटे रहें,
मोक्ष यही है जीवन का,
मौत भी आए सटे रहें!
By Uday Kumar

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