धरती माँ तुझे सलाम
Updated: Jul 30, 2025
By Neelam Jha
धरती माँ तुझे सलाम, धरती माँ तुझे सलामA
तेरी नाद सुन मानव हो रहा हैरान-परेशान
धरती माँ तुझे सलाम, धरती माँ तुझे सलाम
अब न करेंगे हम तिरस्कार तेरा, तुझे सलाम माँ तुझे सलामA
हुंकार जो तूने भरी, सब रह गया धरा पर ही धरा
धरती माँ तुझे सलाम
तेरी नाद सुन मानव हो रहा हैरान-परेशान
धरती माँ तुझे सलाम
मानव ने तेरे तन पर न जाने कितने घाव किए
पहाड़ काटकर, धरती चीरकर
तरु गिराकर, फल-फूल मरोड़-मचोड़कर तुम्हें उकसाया
तू जब हुई क्रुद्ध तो घनघोर तांडव मचाया
बिन मौसम बादल गरजे और बरसे
सुनामी-बाढ़ भी जी भरकर नाचे
सूनी किसी ने न तेरी चीत्कार
बढ़ रहा है मानव के दुखों का पारावार
तुझ पर जो किया प्रहार, स्वयं ही धो रहे हैं दुःख का भारA
माँ कर तेरी नज़रंदाज़ी , नाद अनसुनी,
मानव ने की खुद से दगाबाजी
धरती माँ तुझे सलाम, धरती माँ तुझे सलाम
दूर कर अब व्यथा हमारी, दूर कर अब व्यथा हमारी
धरती माँ तुझे सलाम, धरती माँ तुझे सलामA
By Neelam Jha

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