दोस्त
By Shivi
अरे जरूरत क्या है प्रेमी की
जरूरत क्या है लोगों की
रब ने इतने अच्छे यार दिए
जो वाट लगा दे हजारों की
तपती धूप में छांव बन जाते है
तेज बारिश में छाता बन जाते है
क्या करे हुज़ूर हस्ती ही ऐसी है
दुखी होने के बाद भी चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं
अंधेरी रात में सितारे जैसे लगते हैं
जब पड़ जाए अकेले तो हाथ पकड़ कर चल देते है
चोट लागे मलहम भी लगा देते है
सीधे साधे को बिगाड़ने में कोई कसर भीं नही छोड़ते हैं
दुनिया की बड़ी से बड़ी गलती माफ़ करदेंगे
जब तक हरामी न बन जाओ साथ नहीं छोड़ेगे
गाली भी देंगे डाटेगे भी क्या करे जनाब दोस्त है
साथ थोड़ी छोड़ देंगे ऐसे ही
परेशान करने मैं कोई कसर नहीं छोड़ते
गाली देने का कोई मौका नहीं छोड़ते
बिन कुछ बोले समझ जाते है
क्या करे हुज़ूर दोस्त हैं ऐसे ही होते है।
By Shivi

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