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‘ दोबारा बात ही नही होगी ’

By Vansh Rahul Jaju



बातो-बातो में वो ऐसी बात कह गये,


की अब दोबारा बात ही नही होगी.


आसमान पर कर लिया हो जैसे काबू,

की अब वापस बरसात ही नही होगी.





उसी गली से गुजरेंगे हर रोज हम दोनो;

मगर पहले जैसी अब वो मुलाकात नही होगी !


दिल तो बहुत करेगा फिरभी तुमसे मिलनेका,

मगर दिमाग से अब ये खुराफत नहीं होगी !


हो गए‌ जुदा हम तो, इतना प्यार करके भी;

फिर कौन है जो कहता कि इश्क की मात नहीं होगी ?



By Vansh Rahul Jaju




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