देशभक्त युवा
By Praveen Kumar Das
मातृ भूमि के युवा हो तुम
इन कष्टों से न भागो तुम,
उठकर आगे बढ़ना सीखो
समय रहते जागो तुम,
पंछी बनकर उठता कोई
उठना कोई चाहता है,
अंत तक मेहनत करने वाला
वही मीठे फल को खाता है,
आसमान की चाह रखो
पर धरती को न छोड़ो तुम,
जीवन पथ का सार यही है
निरंतर आगे दौड़ो तुम,
प्रकृति का कण कण
सत्य उजागर करता है,
धरा पर थोड़ा धैर्य रखो
यह पथ प्रदर्शन करता है,
मातृ भूमि के युवा हो तुम
इन कष्टों से न भागो तुम
उठकर आगे बढ़ना सीखो
समय रहते जागो तुम l
By Praveen Kumar Das

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