दिल या दिमाग़
Updated: Sep 20, 2022
By Pallavi Kansara
उम्र के ऐसे पड़ाव पर,
जहां इंसान समझदार जिम्मेदार हो जाता है ,
उसी पड़ाव पर हम मिले,
और दिमाग ने मंजूरी दी,
दिल तो बच्चा है जी|
हमेशा दिल इसी कशमकश में रहता है ,
कि आगे बढ़ो या थम जाऊं,
ब्लॉक करूं या अनब्लॉक ,
रिप्लाई आने तक बेताबी,
और ऑनलाइन होकर भी ,
रिप्लाई नहीं आए तो मायूसी|
दोनों तरफ एक सा माहौल है ,
दोनों तरफ एक सा जज्बा है,
दिल बच्चा है, पर खुदगर्ज नहीं |
दीवाना है ,पर पागल नहीं |
समझदार दिमाग और नादान दिल का संगठन,
और दिमाग का फैसला|
ज्यादा नहीं यार,सिर्फ गुड मॉर्निंग|
दिल का पूरा सहयोग,
दिमाग को दूर रखें,जुड़े रहने का प्रयास
कम मैसेजेस कम चैट्स,
सिलसिला जारी रहता है|
हमराज़ दिल का राज,
कम मैसेजेस का सिलसिला भी जारी रहता है|
जितने कम मैसेजेस,उससे भी ज्यादा
वह ख्यालों में पलता है|
कौन जीता, दिल या दिमाग?
By Pallavi Kansara

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