दिल में एक तहखाना है।
By Nishant Saini
दिल में एक तहखाना है।
जो धूल पड़ी यादों का अफसाना है।।
इसमें कही बचपन सुहाना है।
तो किसी कोने में, आज भी दर्द से तड़पता एक दीवाना है।।
कही दोस्तो के साथ बिताए पलों का ठिकाना है।
तो कही किसी कोने में दुश्मनियो का फरमाना है।।
कही वो किस्सा जहा सब कुछ लुहाभना है।
तो कही वो किस्सा जहा सब कुछ बेगाना है।।
कही वो किस्सा जहा ओरो को हराना है।
तो कही वो किस्सा जहा खुद हार के ओरों को जिताना है।।
कही खुशी ए जाम ए अंदाज पुराना है।
तो कही तन्हाई में हारा एक मैंखाना है।।
दिल में एक तहखाना है।
जो जिंदगी ए सफ़र ए तराना है।।
By Nishant Saini

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